हिमाचल प्रदेश

पर्यटन

धर्मशाला (जिला-कांगडा), कुक्लू, मनाली, सोलन, लाहौल स्पीति, किन्नौर, शिमला, पौंटा साहिब, चायल आदि प्रदेश के प्रमुख दर्शनीय स्थल हैं । धर्मशाला शहर में सबसे अधिक वर्षा होती है। धर्मकोट प्रसिध्द दर्शनीय स्थल है । सैंट जॉन चर्च,चिन्मय मिशन का संदीपनी आश्रम व योल कैम्प आदि अन्य प्रमुख पर्यटन स्थल हैं।  राजा साहिल बर्मन द्वारा दसवीं शताब्दी में अपनी लडकी चम्बा के नाम पर बसाया गया चम्बा जिला भी राज्य का एक आकर्षक पर्यटन स्थल है। इसके अतिरिक्त सुजानपुर टीहरा, बाबा रुद्रु, चिंतपूर्णी, जोगीपंगा, मैडी, कांगडा, ज्वालाजी, चामुंडा देवी, बैजनाथ, पालमपुर, नूरपुर, मसरुर, नग्गर, बिजली महादेव, मणिकर्ण, कसौली आदि प्रदेश के रमणीय स्थल हैं।

राष्ट्रीय उद्यान

यहां पर केवल दो ही राष्ट्रीय उद्यान हैं – ग्रेट हिमालयन नेशनल पार्क (कुल्लू) (754 वर्ग किमी.) नेशनल पार्क पिन वैली (लाहौल स्पीति) (675 वर्ग किमी.)

प्रमुख पर्व और मेले

यहां मनाए जाने वाले पर्वो में शिमला समर फेस्टिवल, लोहडी, होली, बसंत पंचमी, शिवरात्री, नलवारी फेयर, बैसाखी, मिंजर फेयर लाहौल फेस्टवल प्रमुख हैं ।

हिमाचल प्रदेश के आर्टिकल्स

जब निकलना हो हनीमून पर

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शादी की रस्में पूरी होते ही नवविवाहित युगल को इंतजार होता है हनीमून पर जाने का। बहुत से लोग शादी से पहले ही हनीमून पर जाने की पूरी तैयारी कर लेते हैं जो बहुत हद तक ठीक भी है, क्योंकि ऐन वक्त पर रेल या हवाई सेवाओं में आरक्षण न मिलने... आगे पढ़े

कांगड़ा घाटी: जहां सिमटी हैं मनोरम वादियां

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दैनिक ऊहापोह तथा चिलचिलाती गर्मी से निजात पाने के लिए हम पर्यटन मानचित्र पर अंकित सर्द दिशाओं में किसी शांत स्थान की तलाश कर रहे थे। तब हमारी नजर कांगड़ा घाटी नामक बिंदु पर आ ठहरी। हमें लगा हमारी तलाश पूरी हो गई। कांगड़ा घाटी... आगे पढ़े

लाहौल जहां पर्वतों पर झुकता है आसमान

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लाहौल को चीनी यात्री ह्वेनसांग ने ‘लू यू लो’ और महापंडित राहुल सांकृत्यायन ने ‘देवताओं का देश’ कहकर पुकारा था। तिब्बती भाषा में लाहौल को ‘दक्षिण देश’ कहा जाता है। वैसे गरझा और ल्हो-युल भी लाहौल के नाम हैं। 2,225 वर्ग... आगे पढ़े

डलहौजी: सपनों का हिमलोक

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हिमाचल प्रदेश का छोटा सा शहर डलहौजी कुदरत के खूबसूरत नजारों के लिए दुनिया भर में जाना जाता है। घास के मैदान के रूप में जाना जाने वाला खजियार प्राकृतिक सौंदर्य के साथ ही धार्मिक आस्था की दृष्टि से भी महत्वपूर्ण है। जबकि धार्मिक... आगे पढ़े

साधना की पुण्यभूमि रिवालसर झील

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हिमाचल प्रदेश का गौरव बढ़ाने वाली अनेक सुंदर झीलों में रिवालसर झील अपना विशेष स्थान रखती है। घने वृक्षों तथा ऊंचे पहाड़ों से घिरी यह झील प्राकृतिक सौंदर्य के आकर्षण का केंद्र है। मण्डी से 24 किमी दूर तथा समुद्रतल से 1350 मीटर... आगे पढ़े

ऊंचे शिखरों की अनदेखी-अनजानी राहें

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पृथ्वी पर पृथ्वी से ही बनी विश्व की सबसे बड़ी और अत्यंत सुंदर प्राकृतिक आकृति है हिमालय पर्वत। कभी इस पर्वत की जगह टेथिस सागर लहराता था। इसीलिए इसकी सबसे ऊंची चोटी एवरेस्ट का दूसरा नाम सागरमाथा है। आज भी इसकी ऊंची श्रृंखलाओं... आगे पढ़े

हिमाचल : कुल्लू की पहचान दशहरा

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हिमाचल प्रदेश की कुल्लू घाटी में यूं तो साल भर कोई न कोई सांस्कृतिक कार्यक्रम होता रहता है, परंतु दशहरे का समय यहां के लिए खास तौर से उत्सवी हो जाता है। देश में जिन उत्सवों को देखने के लिए भारत ही नहीं, विदेशों से भी पर्यटक आते... आगे पढ़े

चाहिए सुकून तो आइये जनाब!

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रजनीश और मालती बहुत समय से कहीं घूमने नहीं जा सके थे, इसलिए कुछ दिन से वे अपनी दिनचर्या से पूरी तरह ब्रेक लेने के मूड में थे। लेकिन यह तय करना कठिन लग रहा था कि कहां जाएं, क्योंकि शिमला, मसूरी, जयपुर, हैदराबाद और बंगलौर जैसे तमाम... आगे पढ़े

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