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Himalayan tourism

किब्बर: चलें हिमाचल के सबसे ऊंचे गांव

किब्बर: चलें हिमाचल के सबसे ऊंचे गांव

हिमाचल में स्तिथ किब्बर की धरती पर बारिश का होना किसी अजूबे से कम नही होता। बादल यहां आते तो हैं लेकिन शायद इन्हें बरसना नहीं आता और ये अपनी झलक दिखाकर लौट जाते हैं। एक तरह से बादलों को सैलानियों का खिताब दिया जा सकता है जो घूमते,... आगे पढ़े

हिमालय से एकाकार  कराता है चोपता तुंगनाथ

हिमालय से एकाकार कराता है चोपता तुंगनाथ

उत्तराखंड की हसीन वादियां किसी भी पर्यटक को अपने मोहपाश में बांध लेने के लिए काफी है। कलकल बहते झरने, पशु-पक्षी ,तरह-तरह के फूल, कुहरे की चादर में लिपटी ऊंची पहाडि़या और मीलों तक फैले घास के मैदान, ये नजारे किसी भी पर्यटक को स्वप्निल... आगे पढ़े

संदकफू: हिमालय का खूबसूरत नजारा

संदकफू: हिमालय का खूबसूरत नजारा

कुदरत जब अपनी खूबसूरती बिखेरती है तो सीमाएं नहीं देखती। यही बात उन निगाहों के लिए भी कही जा सकती है उस खूबसूरती का नजारा लेती हैं। हम यहां बात केवल देशों की सीमाओं की नहीं कर रहे, बल्कि धरती व आकाश की सीमाओं की भी कर रहे हैं। हिमालय... आगे पढ़े

भीमाकाली मंदिर परंपरा की शक्ति

भीमाकाली मंदिर परंपरा की शक्ति

समुद्र तल से 2165 मीटर की ऊंचाई पर बसे सराहन गांव को प्रकृति ने पर्वतों की तलहटी में अत्यंत सुंदर ढंग से सुसज्जित किया है। सराहन को किन्नौर का प्रवेश द्वार भी कहा जाता है। यहां से 7 किलोमीटर नीचे सभी बाधाओं पर विजय पाकर लांघती और... आगे पढ़े

आस्था की नगरी अमृतसर

आस्था की नगरी अमृतसर

अमृतसर एक धार्मिक एवं ऐतिहासिक शहर है। इस शहर को गुरुग्रंथ साहिब में ‘सिफली दा घर’ कहा गया है, जिसका अर्थ है ऐसा पवित्र स्थान जहां परमेश्वर की कृपा बरसती है। संसार भर के सिक्खों के लिए पवित्रतम धर्मस्थल स्वर्णमंदिर की इस... आगे पढ़े

असम में देखें प्रकृति का सुंदर रूप

असम में देखें प्रकृति का सुंदर रूप

विभिन्न प्रकार की प्राकृतिक संपदा से भरपूर पूर्वोत्तर भारत के हरे-भरे आंचल में बसे असम राज्य का सौंदर्य देखते ही बनता है। चारों ओर हरियाली ही हरियाली, चाय के बेशुमार बागान, घने जंगल और तरह-तरह के बांसों के झुरमुट राज्य की सुंदरता... आगे पढ़े

सांगला जहां देवता निवास करते हैं

सांगला जहां देवता निवास करते हैं

आज आखिरकार हम लोग शिमला पहुंच गए, पिछले एक माह से इस कार्यक्रम के बार-बार बनने और स्थगित होने से मैं परेशान हो गया था। सांगला क्षेत्र में पहली बार मैं 1997 में आया था। तब हम रोहतांग से ग्राम्फू, बाताल, चंद्रताल, कुंजुमदर्रा, काजा... आगे पढ़े

लाहौल जहां पर्वतों पर झुकता है आसमान

लाहौल जहां पर्वतों पर झुकता है आसमान

लाहौल को चीनी यात्री ह्वेनसांग ने ‘लू यू लो’ और महापंडित राहुल सांकृत्यायन ने ‘देवताओं का देश’ कहकर पुकारा था। तिब्बती भाषा में लाहौल को ‘दक्षिण देश’ कहा जाता है। वैसे गरझा और ल्हो-युल भी लाहौल के नाम हैं। 2,225 वर्ग... आगे पढ़े

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